43B(h) आसान भाषा में: MSME सप्लायर के लिए 45 दिन का नियम

अगर खरीदार माइक्रो या स्मॉल सप्लायर को MSMED एक्ट की समय सीमा (तय दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 45, या लिखित समझौता न हो तो 15 दिन) के बाद पेमेंट करे, तो वह यह ख़र्च सिर्फ़ उसी साल दिखा सकता है जिस साल पेमेंट करे। पहले यह धारा 43B(h) थी; 1 अप्रैल 2026 से यह इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 37(2)(g) है।

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नियम सीधी भाषा में

कोई भी धंधा आम तौर पर ख़रीद का ख़र्च उसी साल में दिखाता है जिस साल बिल बुक होता है। माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज़ के बिलों के लिए यह नियम इसे बदल देता है: अगर खरीदार MSMED एक्ट की धारा 15 की समय सीमा के बाद पेमेंट करे, तो वह यह ख़र्च सिर्फ़ उसी टैक्स वर्ष में घटा सकता है जिसमें असल में पेमेंट किया।

ख़र्च ख़त्म नहीं होता, बस पेमेंट वाले साल में चला जाता है। लेकिन अगर कोई बिल समय सीमा पार करके साल के आख़िर तक बाकी रहे, तो उस साल खरीदार का टैक्स वाला मुनाफ़ा बढ़ जाता है।

यह नियम अब कहां है

यह नियम इनकम-टैक्स एक्ट, 1961 में धारा 43B(h) के रूप में जोड़ा गया था। 1 अप्रैल 2026 से इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 ने 1961 वाले एक्ट की जगह ली, और यही नियम अब धारा 37(2)(g) है: माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज़ को MSMED एक्ट की धारा 15 की समय सीमा के बाद देय रकम सिर्फ़ उसी टैक्स वर्ष में घटाई जा सकती है जिसमें उसका पेमेंट हो।

ज़्यादातर लोग अब भी इसे 43B(h) ही कहते हैं, इसलिए यह गाइड भी यही नाम लेती है।

यह किस पर लागू है

  • लागू: Udyam पर रजिस्टर्ड माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज़ सप्लायर।
  • लागू नहीं: मीडियम एंटरप्राइज़। धारा में सिर्फ़ माइक्रो और स्मॉल का नाम है।
  • ट्रेडर: MSME मंत्रालय ने कहा है कि Udyam पर रजिस्टर्ड होलसेल और रिटेल ट्रेडरों को सिर्फ़ प्रायोरिटी सेक्टर लोन का फ़ायदा मिलता है, और MSMED एक्ट के लेट पेमेंट वाले प्रावधान उन पर लागू नहीं होते (1 सितंबर 2021 का मेमोरेंडम)। टैक्स का यह नियम एक्ट की ही समय सीमा लेता है, इसलिए ClearTax जैसी टैक्स गाइड ट्रेडरों के बकाये को इससे बाहर मानती हैं। अगर आप माल बनाते भी हैं और ट्रेडिंग भी करते हैं, तो अपने CA से पूछिए कि आपके बिल किस तरह देखे जाएंगे।

15 दिन या 45 दिन

खरीदार के साथ आपका इंतज़ाम खरीदार को कितने दिन में पेमेंट करना है
पेमेंट के दिनों पर कोई लिखित समझौता नहीं स्वीकार करने से 15 दिन
45 दिन तक का लिखित समझौता तय किए गए दिन
45 दिन से ज़्यादा का लिखित समझौता स्वीकार करने से 45 दिन (क़ानून इससे ज़्यादा नहीं मानता)

आम तौर पर स्वीकार करने का दिन वही है जिस दिन माल पहुंचा या सर्विस दी गई। अगर खरीदार 15 दिन के अंदर लिखित आपत्ति करे, तो वह दिन गिना जाता है जिस दिन आपत्ति दूर हुई। किसी भी बिल की आख़िरी तारीख 45 दिन नियम चेकर पर निकालिए।

साल के आख़िर में क्या होता है

यह नियम सबसे ज़्यादा तब मायने रखता है जब लेट बिल खरीदार का साल बंद होने तक बाकी रहे:

  • लेट पेमेंट, पर उसी फ़ाइनेंशियल ईयर में: खरीदार उसी साल ख़र्च दिखा सकता है।
  • समय सीमा निकल गई और 31 मार्च तक पेमेंट नहीं हुआ: उस साल ख़र्च नहीं दिखा सकता; वह पेमेंट वाले साल में जाएगा।

इसलिए फ़रवरी और मार्च विनम्र रिमाइंडर के लिए सही समय हैं: 31 मार्च से पहले पेमेंट करने पर ख़र्च खरीदार के इसी साल में रहता है।

इसके अलावा, देर से पेमेंट करने वाला खरीदार MSMED एक्ट की धारा 16 के तहत आपको ब्याज भी देता है। कितना बनता है, यह MSME ब्याज कैलकुलेटर पर देखिए।

रिमाइंडर में इसका ज़िक्र कैसे करें

इसे काम की जानकारी की तरह, एक बार और विनम्रता से बताइए। मक़सद खरीदार की अकाउंट्स टीम की मदद है, दबाव नहीं। इसे कभी धमकी की तरह मत लिखिए, और यह इशारा भी मत कीजिए कि आप उनकी शिकायत करेंगे।

एक उदाहरण (नाम, बिल और रकम उदाहरण के आंकड़े हैं):

नमस्ते शाह जी, बिल INV-245 के ₹84,500 की ड्यू डेट 15 मार्च थी। हम Udyam पर रजिस्टर्ड माइक्रो एंटरप्राइज़ हैं, इसलिए 31 मार्च से पहले पेमेंट करने पर आप यह बिल इसी साल के ख़र्च में दिखा पाएंगे। धन्यवाद, पाटिल इंजीनियरिंग

कुछ सुझाव:

  • इसका ज़िक्र तभी कीजिए जब आप Udyam पर रजिस्टर्ड माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज़ हों।
  • अपना Udyam सर्टिफ़िकेट खरीदार की अकाउंट्स टीम को एक बार भेज दीजिए, ताकि उन्हें पता रहे कि कौन-से बिल इस नियम में आते हैं।
  • रिमाइंडर की बाकी बातें वैसी ही रखिए: बिल नंबर, रकम, ड्यू डेट और पेमेंट का तरीका। क्या-क्या चाहिए, यह पेमेंट रिमाइंडर कैसे लिखें में है, और हमारे विनम्र रिमाइंडर मैसेज भेजने को तैयार हैं।

02 अक्टू॰ 2026 को जांचा गया। यह एक गाइड है, क़ानूनी या टैक्स सलाह नहीं।

स्रोत

40 बिलों के लिए यही करना पड़ता है?

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